HOLI
Hello friends,
आपको मेरी तरफ से होली की हार्दिक शुभकामनाएं
आज होली दहन है। होली भारत में मनाये जाने वाला लोकप्रिय त्यौहार है।जो फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।यह त्यौहार रंगों का त्यौहार है।इसमें लोगों को गुलाल या रंगों की पानी पिचकारी से खेला जाता है।
यह त्यौहार मनाने की एक कहानी है ।
यह कहानी प्रलाद नाम के बालक की है।जो विष्णु भगवान का भक्त था।उसके पिता दानवों के राजा थे।वह विष्णु को नही मानते थे।उस दानव का नाम हरिंकर्षप था।जब उसको पता चला तो वह अपने बेटे को मारने की कोशिश करने लगा फिर भी वह नहीं जीत सका।उसकी बहन होलीका थी।जिसे बाह्मा का वरदान था की वह आग में नहीं जलने की।उसने सोचा कि मैं प्रह्लाद के साथ आग पर बैठ जाऊ और प्रह्लाद जल जाए।
यह भी कोशिश विष्णु भगवान ने विफल कर दी और होलीका जल गए।और विष्णु भगवान नरसिंहा के अवतार मे हरिंकर्षप को मार डाला। इसी खुशी में होली मनायी जाती ।
Hello friends,
आपको मेरी तरफ से होली की हार्दिक शुभकामनाएं
आज होली दहन है। होली भारत में मनाये जाने वाला लोकप्रिय त्यौहार है।जो फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।यह त्यौहार रंगों का त्यौहार है।इसमें लोगों को गुलाल या रंगों की पानी पिचकारी से खेला जाता है।
यह त्यौहार मनाने की एक कहानी है ।
यह कहानी प्रलाद नाम के बालक की है।जो विष्णु भगवान का भक्त था।उसके पिता दानवों के राजा थे।वह विष्णु को नही मानते थे।उस दानव का नाम हरिंकर्षप था।जब उसको पता चला तो वह अपने बेटे को मारने की कोशिश करने लगा फिर भी वह नहीं जीत सका।उसकी बहन होलीका थी।जिसे बाह्मा का वरदान था की वह आग में नहीं जलने की।उसने सोचा कि मैं प्रह्लाद के साथ आग पर बैठ जाऊ और प्रह्लाद जल जाए।
यह भी कोशिश विष्णु भगवान ने विफल कर दी और होलीका जल गए।और विष्णु भगवान नरसिंहा के अवतार मे हरिंकर्षप को मार डाला। इसी खुशी में होली मनायी जाती ।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें